Suzlon Energy

सरकार ने सोलर एनर्जी सेक्टर को लेकर किया बड़ा ऐलान! Suzlon Energy के शेयरों पर दिखेगा जोरदार एक्शन, बाजार खुलने पर रखें नजर…

By Ronak

Updated on:

Suzlon Energy: भारत अब ग्रीन एनर्जी सेक्टर को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। पिछले दस सालों में देश की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 35 गीगावॉट से बढ़कर लगभग 197 गीगावॉट हो चुकी है। अब सरकार का ध्यान केवल नई क्षमता जोड़ने पर नहीं, बल्कि सिस्टम सुधार और स्थायी ढांचे के निर्माण पर है। ऑफशोर विंड, पम्प्ड हाइड्रो स्टोरेज और डिस्ट्रिब्यूटेड सोलर जैसे प्रोजेक्ट भारत की भविष्य की ऊर्जा रीढ़ बनेंगे। इसी दिशा में कदम बढ़ने से Suzlon Energy जैसी कंपनियों के लिए बड़े अवसर बन रहे हैं।

ऑफशोर विंड एनर्जी पर सरकार का फोकस

सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अब पवन ऊर्जा, खासकर ऑफशोर विंड एनर्जी, ग्रीन एनर्जी का मुख्य इंजन बनेगा। Suzlon Energy पहले से ही ऑनशोर विंड टरबाइन निर्माण और रखरखाव में अग्रणी रही है। अगर ऑफशोर प्रोजेक्ट्स तेजी से शुरू होते हैं, तो कंपनी को नए ऑर्डर मिल सकते हैं। इसका असर कंपनी की आमदनी और ऑर्डर बुक दोनों पर सकारात्मक रहेगा। इससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा और शेयर में मजबूती देखने को मिल सकती है।

read more: Suzlon, Inox सहित इन 5 Green Energy Stocks में मिलेगा धमाकेदार रिटर्न, कर्ज हुआ ना के बराबर, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें…

पम्प्ड स्टोरेज और ग्रिड सुधार से स्थिरता

अतीत में कई विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स इसलिए रुक गए क्योंकि बिजली स्टोरेज और ट्रांसमिशन की क्षमता सीमित थी। अब सरकार ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और पम्प्ड हाइड्रो स्टोरेज सिस्टम पर काम कर रही है, जिससे विंड एनर्जी की सप्लाई लगातार बनी रहेगी। यह सुधार Suzlon Energy जैसी कंपनियों के लिए बेहद फायदेमंद रहेगा क्योंकि इससे उनकी उत्पादित ऊर्जा की मांग स्थिर और दीर्घकालिक बनेगी। Suzlon Energy पूरी तरह से “Made in India” कंपनी है, इसलिए इन योजनाओं से उसे सीधा लाभ मिलेगा। इससे कंपनी की लागत घटेगी और घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग और मजबूत होगी।

निवेशकों का भरोसा और सेक्टर की स्थिति

ग्रीन एनर्जी अब सरकार की दीर्घकालिक प्राथमिकता बन चुकी है। इस क्षेत्र में फंडिंग, विदेशी निवेश और नीतिगत समर्थन लगातार बढ़ रहा है। इससे Suzlon Energy के प्रति निवेशकों का भरोसा और आकर्षण दोनों बढ़ रहे हैं। 21 अक्टूबर 2025 को मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन इसका शेयर दो प्रतिशत बढ़कर 54.18 रुपये के भाव पर बंद हुआ, जो सेक्टर में सकारात्मक सेंटिमेंट को दर्शाता है।

read more: Tata Motors में जल्द ही दिखेगी ताबड़तोड़ तेजी! 30 दिनों में बेची 1 लाख गाड़ियां, SUV और EV सेगमेंट में रिकॉर्ड बिक्री…

भारत की रिन्यूएबल एनर्जी में तेजी

2014 में भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 35 गीगावॉट से भी कम थी, जो अब बढ़कर 197 गीगावॉट हो चुकी है। यह पांच गुना से ज्यादा की वृद्धि है। अब देश केवल गति नहीं, बल्कि स्थिरता और ग्रिड-इंटीग्रेशन पर ध्यान दे रहा है। MNRE के अनुसार, फिलहाल 40 गीगावॉट से अधिक प्रोजेक्ट ऐसे हैं जो अंतिम स्वीकृति या निर्माण चरण में हैं। यह दर्शाता है कि आने वाले समय में ग्रीन एनर्जी का बाजार और मजबूत होगा, जिससे Suzlon Energy जैसी कंपनियों को निरंतर लाभ मिलता रहेगा।

सरकार अब “रिन्यूएबल + स्टोरेज” मॉडल पर ध्यान दे रही है, ताकि बिजली की आपूर्ति निरंतर बनी रहे। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के विस्तार के साथ-साथ ₹2.4 लाख करोड़ की योजना से ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। इन सब प्रयासों से देश की ऊर्जा संरचना और सुदृढ़ होगी तथा Suzlon Energy जैसे घरेलू खिलाड़ी इस विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शिक्षा और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से दी गई है। यह किसी भी तरह की निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश में जोखिम होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

Leave a Comment

New
Follow Google News